परिचय

  • मुस्कान वह मनोहर चाबी है जो कि हर दरवाजे का ताला खोल सकती है.

समिति परिवार

Cinque Terre
Cinque Terre

विट्ठलेश सेवा समिति

श्री विट्ठलेश सेवा समिति, सीहोर श्री विट्ठलेश सेवा समिति, सेवा का संकल्प लेकर सीहोर नगर की एक ऐसी सामाजिक एवं धार्मिक संस्था जिसने विगत वर्षों में अपने अनूठे कार्यक्रमो और सारभूत योजनाओ को भूर्त रूप देकर अपनी भारतीय संस्कृति को सनातनता को सार्थक करने का पुनः संस्थापित करने का बीड़ा उठाया है, ऐसी संस्था एक सार्वजनिक होकर श्री विट्ठलेश सेवा समिति के नाम से स्थापित है। संस्था के सर्वाध्यक्ष पूज्य पं. प्रदीपजी मिश्रा (सीहोर वाले) है, जिनके उर्जावान नेतृत्व में जहां धर्म की व्याख्या निरंतर प्रचलित होकर श्रीमद् भागवत कथा, श्री राम कथा, नानी बाई का मायरा, शिव महापुराण कथा एवं वैदिक संस्कृति के अनेकों धार्मिक समारोह को भारत देश मे लगातार प्रसारित व प्रचारित किया है । समिति के अध्यक्ष पूज्य पं. प्रदीपजी मिश्रा ने अपने नित्य लीलास्थ गुरुवर श्री विट्ठलेश राय जी इंदौर के सानिध्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर के श्री वल्लभ सम्प्रदाय में दीक्षा लेकर सेवा के एकमात्र ध्येय को लेकर नगर के युवा व समाजसेवा को समर्पित निस्वार्थ भाव से संगठन निर्मित किया है। हजारो नही अपितु लाखो लोगो को अपनी औजस्वी व प्रेरणादायीं उदबोधन से जीवन सुधारने और धर्म के प्रति समर्पण का भाव जगाया। कई गरीब कन्याओ का विवाह, कन्यादान कराया गया। गौशाला निर्माण के साथ-साथ भारत के तीर्थ जैसे - शुक्रताल, नेमिषारण्य, हरिद्वार, मथुरा-वृन्दावन, चित्रकूट, जगन्नाथपुरी आदि महत्वपूर्ण स्थानों पर हजारों लोगों को निःशुल्क यात्रा अपनी समिति के माध्यम से करवाई है। पं पूज्य प्रदीप जी मिश्रा के सहयोग से वर्ष 2016 से सीहोर नगर में श्री विट्ठलेश सेवा समिति द्वारा एक ओर नया धार्मिक आयोजन "मासिक राधा नाम" शुरू किया गया जो प्रति महीने सीहोर नगर में आयोजित किया जाता है जिसका लक्ष्य केवल 2 घंटे राधा-राधा नाम का जाप किया जाता है एवं एक वर्ष पूर्ण होने पर समिति द्वारा एक 3 दिवसीय निःशुल्क यात्रा रखी जाती है। जिसमे यात्रा में हजारों लोगों को ले जाकर तीर्थ में राधा नाम का जाप किया जाता है। धर्म झेत्र के अलावा सामाजिक स्तर पर बिना भेदभाव के पूरे सीहोर नगर में 21 स्थानों पर जन सहयोग से प्याऊ का व्यवस्थित उदघाटन कराया गया। विगत 1998 से निरंतर 20 सालो से श्री विट्ठलेश सेवा समिति अन्नकुट, फाग उत्सव, एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में समिति ने अपना अमूल्य योग दान दिया है। नगर की प्राचीन परम्परा को बढ़ाने के लिए ढोल ग्यारस पर प्रतिवर्ष प्रत्येक मंदिरो के पुजारी एवं डोलो को (समस्त) सम्मानित और प्रोत्साहित किया गया। पं. प्रदीपजी मिश्रा के सानिध्य में वर्ष 1998 से जो एक बयार बह रही है जिसका लक्ष्य हर कोई समिति से जुड़कर अपने को धन्य मानता है। समिति के कर्मठ कार्यकर्ता बिना किसी पारिश्रमिक के हर कभी हर कही सेवा को तत्पर रहते है। उल्लेखनीय है कि नगर में 108 भागवत कथा का विराट उत्सव और राष्ट्रीय स्तर पर नानी बाई की रंग यात्रा ने 2 किलोमीटर से अधिक की अपनी प्रभावी यात्रा जिसमे हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा, रंगोली का चलित प्रदर्शन जिसमे कर्नाटक के बैंड एवं महराष्ट्र के कलाकारों का प्रदर्शन अनूठी छाप छोड़ गया है। लगातार भक्ति से जोड़कर युवाओ को धर्म के प्रति जोड़ने का काम श्री विट्ठलेश सेवा समिति कर रही हैं। श्री मुरलीमनोहर मंदिर प्रदेश ही नही वरन पूरे भारत मे अपनी शैली का अदभुत और अलौकिक मंदिर निर्माणधीन है। समय-समय पर गरीबो के प्रति योजना अंतर्गत सेवा के प्रकल्प चलाऐ जिनका कोई प्रचार करना समिति ने उचित नही समझा। भावना प्रधान भक्ति और सेवा के कृत संकल्पित समिति का लक्ष्य एक मात्र सेवा है और सेवा ही मानव धर्म है। विट्ठलेश सेवा समिति एक रजिस्टर्ड समिति है जिसका आडिट होता है।दान का हिसाब व्यवस्थित रखा जाता हैं। समिति के दान-दाता भारत वर्ष के लगभग सभी प्रदेशों से अपने स्तर पर जुड़े है। श्री विट्ठलेश सेवा समिति का कार्यालय संजय टॉकीज रोड मॉडल स्कूल के सामने स्थापित है।

आज के विचार